Monday, January 19, 2026

जरगाजी विकास ट्रस्ट- जूना स्थान धाम, गुंदाली (उदयपुर)

 जरगाजी विकास ट्रस्ट- जूना स्थान धाम, गुंदाली (उदयपुर)

पुरानी कार्यकारिणी

Sunday, January 18, 2026

जरगा जी का इतिहास

 



धन  दौलत ना चाहिए , ना  चाहिए  घर -बार। 
केवल जरगा नाम हो , अलख  का आधार ॥  

-:जय मेघ महा धर्म :-

अरावली पर्वत श्रृंखला में मेघवंश भक्त शिरोमणि जरगाजी की कर्मभूमि हैं। 
करीब दो हज़ार वर्ष पूर्व ज्येष्ठ सुदी बीज़ शनिवार (चन्द्रावली  बीज ) के दिन गाँव गायफल, पं. स.- सायरा, तहसील- सायरा ,जिला-उदयपुर (राजस्थान ) मेघवाल परिवार  में हुआ। 

जरगाजी जब थोड़े बड़े हुए तब उनकी सगाई ग्राम- काकरवा(कुम्भलगढ़ ) में तय की, दरगाजी की  बारात पहुँची, तब दरगाजी ने  शादी  से इनकार कर दिया, जिन कन्या के साथ उनकी शादी होनी थी उसे धर्म की बहिन बना दी और वहाँ से खाली बारात  वापस घर लौट आयें । 
 उस समय के पश्चात् उनका मन भक्ति-भाव में लग गया और घर-बार छौड़कर अलख-धणी  की तपस्या में निकल गए और विक्रम संवत ११३ में अलख-धणी प्रसन्न हुए और वरदान मांगने को कहा तो भक्तराज जरगाजी ने उत्तर दिया "धाम धणियो की और नाम जरगा मांगा"। 
 तब अलख भगवान् ने कहा हे भक्तराज ! आज से मेरे नाम से आगे तेरा नाम आयेगा तथास्तू आज से जळगा रा धणी (जरगा रा धणी ) नाम से पुकारा जाएगा और अंतर ध्यान हो गए।
इसीलिए आज भी कहते हैं जरगा रा धणी

जरगाजी विकास ट्रस्ट- जूना स्थान धाम, गुंदाली (उदयपुर)

 जरगाजी विकास ट्रस्ट- जूना स्थान धाम, गुंदाली (उदयपुर ) पुरानी कार्यकारिणी